Mon, 12 Oct, 2026|Arunachal Pradesh’s Digital News Portal

NTA सुधार: परीक्षा के दिनों में रैलियों-जुलूसों पर रोक की सिफारिश

NTA सुधार समिति ने सिफारिश की है कि परीक्षा के दिनों में रैलियों और जुलूसों की अनुमति न दी जाए। समिति का मानना है कि इससे परीक्षा की निष्पक्षता और सुचारू संचालन सुनिश्चित होगा।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार को लेकर गठित समिति ने सिफारिश की है कि परीक्षा के दिनों में रैलियों और जुलूसों के आयोजन की अनुमति रोक दी जाए। यह सिफारिश परीक्षा की निष्पक्षता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।

समिति का मानना है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास होने वाले सार्वजनिक आयोजनों से परीक्षार्थियों को असुविधा होती है और परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

सुधार की पृष्ठभूमि

NTA द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और कदाचार के कई मामले सामने आए थे, जिसके बाद परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग उठी थी। सरकार ने इन मुद्दों के समाधान के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन किया था।

समिति ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे कई पहलुओं पर सिफारिशें दी हैं।

परीक्षा के दिन रैलियों पर रोक क्यों

सिफारिश के अनुसार, परीक्षा के दिनों में रैलियों, जुलूसों और धरना-प्रदर्शन से यातायात बाधित होता है, जिससे परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुंचने में देरी हो सकती है। इसके अलावा, शोर-शराबे से परीक्षा का माहौल भी प्रभावित होता है।

छात्र संगठनों ने इस सिफारिश का स्वागत किया है, हालांकि कुछ राजनीतिक दलों का कहना है कि इससे विरोध के लोकतांत्रिक अधिकार पर असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के दिनों में धारा 144 जैसे प्रावधान पहले से ही लागू होते हैं, लेकिन समिति की सिफारिश इसे और अधिक स्पष्ट और सख्त बनाने की दिशा में है।

अन्य सिफारिशें

समिति ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत करने और मूल्यांकन में मानकीकरण लाने जैसे सुझाव भी दिए हैं। डिजिटल माध्यम से परीक्षा आयोजित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया है।

आगे की राह

समिति की सिफारिशों पर अब सरकार को फैसला लेना है। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, सिफारिशों का अध्ययन किया जा रहा है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

लाखों छात्र हर साल NTA की परीक्षाओं में हिस्सा लेते हैं, इसलिए इन सुधारों का व्यापक असर होगा।

सीरीज का अब तक का सफर

पांच मैचों की इस सीरीज में अब तक तीन मैच खेले जा चुके हैं। पहले मैच में भारत ने लखनऊ में आठ विकेट से जीत दर्ज की थी, जिसमें कप्तान श्रेयस अय्यर ने शतक जड़ा था। दूसरे मैच में वेस्टइंडीज ने वापसी करते हुए भारत को हराया था।

तीसरे मैच में भारत की जीत के साथ सीरीज में 2-1 की बढ़त बन गई है। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच रही है।

चौथे मैच की उम्मीदें

सीरीज का चौथा मैच हैदराबाद में खेला जाएगा। अगर भारत यह मैच जीतता है, तो सीरीज भी अपने नाम कर लेगा। वेस्टइंडीज के लिए यह मैच करो या मरो वाला होगा।

भारतीय टीम प्रबंधन चौथे मैच में कुछ बदलाव कर सकता है ताकि बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को भी मौका मिल सके। कोच गौतम गंभीर युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने के पक्ष में रहे हैं।

डिजिटल परीक्षा की ओर

समिति ने परीक्षाओं को डिजिटल माध्यम से आयोजित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया है। कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं से पेपर लीक की संभावना कम हो जाती है।

हालांकि, इसके लिए सभी परीक्षा केंद्रों में पर्याप्त कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा जरूरी होगी, जो एक बड़ी चुनौती है।

अभिभावकों की चिंता

अभिभावकों ने भी इन सुधारों का स्वागत किया है। उनका कहना है कि परीक्षा के दिनों में बच्चों को शांतिपूर्ण माहौल मिलना चाहिए।

कई अभिभावकों ने मांग की है कि परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था भी की जानी चाहिए।

शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, समिति की सभी सिफारिशों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

Keshav Pathak

Written by

Keshav Pathak

Covering Arunachal Pradesh, the Northeast and beyond for Abotani TV.