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‘द एनचांटिंग 8’: पूर्वोत्तर के खानपान पर फूड सीरीज, सिंधिया ने किया ट्रेलर लॉन्च

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 'द एनचांटिंग 8' पूर्वोत्तर फूड सीरीज के ट्रेलर का शुभारंभ किया। MDoNER समर्थित यह सीरीज आठों राज्यों की पाक परंपराओं और संस्कृति को प्रस्तुत करेगी।

पूर्वोत्तर भारत के समृद्ध खानपान और संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर लाने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ‘द एनचांटिंग 8’ नामक पूर्वोत्तर फूड सीरीज के ट्रेलर का शुभारंभ किया है।

यह डॉक्यूमेंट्री सीरीज पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय (MDoNER) के समर्थन से बनाई जा रही है और इसमें आठों पूर्वोत्तर राज्यों की पाक परंपराओं, समुदायों और संस्कृति को भोजन के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।

भोजन के जरिए संस्कृति की यात्रा

इस सीरीज की खासियत यह है कि यह केवल व्यंजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यंजन के पीछे की कहानी, उसे बनाने वाले समुदाय और उनकी परंपराओं को भी सामने लाती है। पूर्वोत्तर का खानपान भारत के अन्य हिस्सों से काफी अलग और विविध है।

अरुणाचल प्रदेश के थुकपा से लेकर नगालैंड के स्मोक्ड मीट, मणिपुर के इरोम्बा से लेकर असम के पारंपरिक व्यंजनों तक — इस क्षेत्र का फूड कल्चर एक खजाना है जो अभी बड़े पैमाने पर अनदेखा रहा है।

सीरीज में स्थानीय रसोइयों, घरों की रसोई और पारंपरिक खाना पकाने की विधियों को दिखाया जाएगा, जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि फूड टूरिज्म आज दुनिया भर में एक बड़ा आकर्षण है। इस सीरीज से पूर्वोत्तर के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि लोग उन जगहों की यात्रा करना चाहेंगे जहां ये अनूठे व्यंजन बनते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह सीरीज पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक समृद्धि को देश और दुनिया के सामने रखने का एक माध्यम बनेगी।

पूर्वोत्तर में पहले से ही हॉर्नबिल फेस्टिवल जैसे आयोजन हैं जो संस्कृति और खानपान को बढ़ावा देते हैं। यह सीरीज उस प्रयास को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाएगी।

क्षेत्रीय पहचान का जश्न

पूर्वोत्तर के आठों राज्य — अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा — अपनी अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और खानपान के लिए जाने जाते हैं। ‘द एनचांटिंग 8’ इन सभी की विविधता का जश्न मनाने का प्रयास है।

इस पहल से स्थानीय खाद्य उद्यमियों और रेस्तरां मालिकों को भी फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से उनके व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।

मतदाता सूची विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) से शुरू हुआ था। चुनाव आयोग का कहना है कि यह मृत, स्थानांतरित और डुप्लिकेट मतदाताओं के नाम हटाने की नियमित प्रक्रिया है। लेकिन विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वैध मतदाताओं के नाम भी हटा दिए गए।

विपक्षी नेताओं का कहना है कि संशोधन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही है और प्रभावित मतदाताओं को अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है। कई राज्यों में इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी हुए हैं।

लोकतंत्र पर बहस

यह मुद्दा अब केवल चुनाव आयोग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की सेहत पर व्यापक बहस छिड़ गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की नींव हैं और मतदाता सूची में गड़बड़ी इस नींव को कमजोर करती है।

वहीं, सत्तारूढ़ भाजपा का कहना है कि विपक्ष हार के डर से चुनाव आयोग पर दबाव बना रहा है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि संशोधन प्रक्रिया पूरी तरह नियमानुसार है।

डिजिटल माध्यम की ताकत

आज के दौर में डिजिटल माध्यम किसी भी संदेश को दूर तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी जरिया है। ‘द एनचांटिंग 8’ सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी, जिससे देश-विदेश के दर्शक इसे देख सकेंगे।

सोशल मीडिया पर भी इस सीरीज के छोटे वीडियो साझा किए जाएंगे ताकि युवा दर्शकों तक पहुंच बनाई जा सके।

स्थानीय कलाकारों को मंच

इस सीरीज में पूर्वोत्तर के स्थानीय कलाकारों और रसोइयों को भी मंच मिलेगा। उनकी कहानियां और पाक कला देश के सामने आएगी।

यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना के अनुरूप है, जिसमें स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

Keshav Pathak

Written by

Keshav Pathak

Covering Arunachal Pradesh, the Northeast and beyond for Abotani TV.