मिजोरम और मणिपुर के बीच तीन साल के अंतराल के बाद अंतरराज्यीय बस सेवा फिर से शुरू हो गई है। आइजोल के पास सैरांग और मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के लामका के बीच दो 21-सीटर बसें 1 अक्टूबर से रोजाना चल रही हैं।
इस मार्ग पर टिकट की कीमत 2,500 रुपये रखी गई है। बस सेवा की बहाली को दोनों राज्यों के बीच संपर्क सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
तीन साल का अंतराल क्यों
मणिपुर में मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद से दोनों राज्यों के बीच सीधी परिवहन सेवा बंद थी। हिंसा में 260 से अधिक लोगों की जान गई थी और हजारों लोग विस्थापित हुए थे।
बस सेवा का बंद होना इस बात का प्रतीक था कि संकट ने आम लोगों के दैनिक जीवन और आवाजाही को कितना प्रभावित किया था। सेवा की बहाली सामान्य स्थिति की ओर लौटने का एक संकेत मानी जा रही है।
इस दौरान दोनों राज्यों के बीच यात्रा करने वालों को लंबे और महंगे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी।
यात्रियों के लिए राहत
इस मार्ग पर यात्रा करने वाले छात्रों, व्यापारियों, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों के लिए सीधी बस सेवा की बहाली बड़ी राहत है। मिजोरम में पढ़ने वाले मणिपुर के छात्र और चिकित्सा सुविधा के लिए यात्रा करने वाले मरीज विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।
परिवहन अधिकारियों के अनुसार, बसों के संचालन में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और मार्ग पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
शांति की ओर कदम
मणिपुर में फरवरी 2026 में नई सरकार के गठन के बाद से शांति बहाली के प्रयास तेज हुए हैं। बस सेवा की बहाली इन्हीं प्रयासों का एक हिस्सा है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी शांति के लिए दोनों समुदायों के बीच विश्वास बहाली का काम अभी जारी रहना चाहिए। परिवहन संपर्क की बहाली एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन इसके साथ-साथ सामाजिक सौहार्द के प्रयास भी जरूरी हैं।
स्थानीय लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही अन्य बंद पड़े मार्ग भी खोले जाएंगे।
यात्रियों की कहानियां
बस सेवा बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी नियमित यात्रियों को हुई थी। मिजोरम में पढ़ने वाले मणिपुर के छात्रों को अपने घर जाने के लिए लंबे रास्ते तय करने पड़ते थे। मरीजों को इलाज के लिए यात्रा करना भी मुश्किल हो गया था।
एक छात्र ने बताया कि पहले उसे घर जाने के लिए दो दिन का सफर करना पड़ता था, जबकि सीधी बस से यह सफर कुछ घंटों में पूरा हो जाता है। व्यापारियों को भी माल ढुलाई में भारी दिक्कत होती थी।
आर्थिक प्रभाव
परिवहन संपर्क टूटने से दोनों राज्यों के बीच व्यापार भी प्रभावित हुआ था। मिजोरम और मणिपुर के बीच कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प और दैनिक उपयोग की वस्तुओं का व्यापार होता है।
बस सेवा की बहाली से इस व्यापार को फिर से गति मिलने की उम्मीद है। स्थानीय व्यापारियों ने इस फैसले का स्वागत किया है।
भविष्य की योजनाएं
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अगर यह बस सेवा सफल रहती है, तो अन्य बंद मार्गों पर भी सेवा शुरू की जाएगी। मिजोरम और मणिपुर के बीच और भी कई मार्ग हैं जो वर्षों से बंद पड़े हैं।
इसके अलावा, बसों की संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। फिलहाल दो बसें चल रही हैं, लेकिन यात्रियों की मांग बढ़ने पर और बसें जोड़ी जाएंगी।
सामान्य स्थिति की ओर
बस सेवा की बहाली को मणिपुर में सामान्य स्थिति की बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परिवहन संपर्क किसी भी समाज की जीवनरेखा होता है और इसका टूटना संकट की गंभीरता को दर्शाता है। इसके बहाल होने से लोगों में विश्वास बढ़ेगा।
प्रशासन का कहना है कि आने वाले महीनों में और भी बंद पड़े मार्गों को खोलने की योजना है।













